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Technologies

Title of the Technology
Synchronized flowering in Kew Pineapple induced with application of 25 ppm ethephon in combination with 2% urea and 0.04% calcium carbonate.
अनन्नास में विभिन्न कृषि-जलवायु परिस्थितियों के तहत सघन रोपाई की तकनीक विकसित की गई।
केला, अंगूर और अनार में परंपरागत सिंचाई की तुलना में टपक सिंचाई से 25-35% पानी की बचत करने की तकनीकी विकसित की गई।
Optimum irrigation scheduling based on soil moisture availability for banana and papaya under conventional irrigation methods standardized.
Use of Brassinolide 1 ppm and CPPU 2.5 ppm with suitable crop regulation and canopy management practices were recommended for producing export quality grapes.
Bud dormancy during October pruning in grapes was overcome by the use of Hydrogen Cynamide and thiourea.
अंगूर की ताजा उपयोग करने की किस्‍मों में सूखा एवं लवणीयता प्रतिरोध के लिए बेहतरीन मूलवृंत के रूप में डॉगरिज की पहचान
For irrigated and rainfed ratoon pineapple, N at 10 and 12 g / plant respectively were optimum. Nitrogen is to be applied in six split doses, between two and twelve months after planting. Potash is to be applied in two splits 2 and 6 months after plantin
For Pineapple plant crop, a dose of 12 g and 16 g N / plant was recommended under irrigated and rainfed conditions respectively. K2O at 12 g / plant was advocated for irrigated as well as rainfed crops.
अनन्नास के प्रवर्धन के लिए 450 ग्रा. के कल्लों और 350 ग्रा. के स्लिप्स की अनुशंसा की गई।
अर्का सहन सीताफल की स्थापना, आकार और रूप को सुधारने के लिए कृत्रिम परागण।
अल्फोंसो आम में नियमित फल-धारण के लिए पैक्लोबूट्राज़ोल का प्रयोग।
तरुण आम और चीकू के बागानों में अंतरवर्ती फल
आम में समेकित जल व पोषकतत्व प्रबंधन
रागी पर वी ए एम कवक का बृहत उत्पादन
फोस्फेट में घुलनशील जीवाणु वंशों का इनोकुलम
प्रकोपित ऊतकों से रालस्टोनिया सोलेनासीरम की पहचान के लिए नैदानिकी किट
अंगूर की डाउनी मिल्ड्यु की पहचान के लिए नैदानिकी किट
गुलदाऊदी का सूक्ष्मप्रवर्धन
बागवानी फसलों (केला, अंगूर, बौगेनविला, गुलदाऊदी, लिलीज) का सूक्ष्‍म प्रवर्धन, विशिष्‍ट रोगजनकों के संदर्भ में रोग रहित रोपण सामग्री का उत्‍पादन।